अमलतास - Amaltas (Golden Shower Tree)

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Pic Credit-Unsplash


अमलतास का संक्षिप्त परिचय


सड़क किनारे या उद्यानों में या किसी सुनसान स्थलों पर आपने अवश्य ही पीले फूलो से भरा रहने वाला एक वृक्ष देखा होगा। अगर आपने देखी है तो मैं उसका नाम आपको बता देता हूँ। उस वृक्ष का नाम है अमलतास। यह भारत में हर जगह देखने को मिलता है। अमलतास को घर में उद्यानों में या सड़क किनारे सुंदरता को बढाने के लिए लगाया जाता है। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा की यह वृक्ष (Amaltas Ka Ped) केवल सुंदरता के लिए ही नहीं जाना जाता है बल्कि इस वृक्ष के औषधीय गुण भी बेजोड़ है। आयुर्वेद और घरेलु चिकित्सा पद्धति में अमलतास का अपना एक अलग स्थान है।


आपने अमलतास के पेड़ को अनेक स्थानों पर देखा होगा। यह पेड़ प्रायः सड़कों के किनारे या बाग-बगीचे में दिखाई देता हैं। इसमें पीले-पीले फूल होते है। ये फूल देखने में बहुत ही मनमोहक होते हैं। इन फूलों को घरों में सजावट के लिए भी प्रयोग में लाया जाता है। लेकिन अमलतास (Golden Shower) केवल सजावटी पेड़ नहीं है बल्कि यह औषधीय गुणों से भी भरपूर हैं। वास्तव में, अमलतास का पेड़ (Amaltas ka ped) एक औषधी भी है और इस पेड़ का हर भाग हमारे लिए उपयोगी है। कई बीमारियों के उपचार में भी अमलतास से लाभ मिलता है। आयुर्वेद के अनुसार, बुखार, पेट संबंधित रोग, त्वचा रोग, खांसी, टीबी और ह्रदय रोग आदि में अमलतास से बहुत लाभ मिलता हैं।


अमलतास है क्या?


तो बता दें की अमलतास के पौधे को कई नामो से जाना जाता है। अमलतास (Amaltas) को हिंदी में (Hindi Names) अमलतास, सोनहाली, सियरलाठी, धनबहेड़ा तो संस्कृत में (Sanskrit Names) आरग्वध, राजवृक्ष, हेमपुष्प, व्याधिघात, कृतमाल, सुवर्णक, कर्णिकार दीर्घफल, स्वर्णफल और अंग्रेजी में (English Name) - गोल्डन शॉवर (Golden shower Tree), पुडिंग पाइप ट्री (Pudding pipeTree), पॅरजिंग कैसिया (Purging cassia), ड्रम्स्टिक ट्री (drumstick tree) जबकि अमलतास का लैटिन नाम (Latin Name) कैसिया फिस्टुला (Cassia fistula) है।


अमलतास है बहुत काम का


अमलतास का वृक्ष मध्यम ऊंचाई का होता है। प्रायः इसकी लम्बाई 25 से 30 फीट तक हो सकती है| लेकिन इसकी वृद्धि बहुत तेजी से होती है। इस कारण भी इसके वृक्षों को सड़क किनारे लगाया जाता है। इस पेड़ पर मार्च से जुलाई के बीच सुनहरे पीले रंग के फूल लगते है तथा इसके फल लंबे और बेलनाकार होते हैं, जो देखने में किसी डंडे की तरह लगते हैं। आरम्भ में यह फल हरे रंग का होता हैं और पकने के बाद यह फल गहरे भूरे रंग का हो जाता है। अमलतास के पेड़ पर लगने वाले ये फल लम्बे आकार के होते है। ये फल देखने में किसी डंडे की भांति लगते है और इसकी लम्बाई एक से डेढ़ फिट तक होती है। इन फलो के अंदर कई अलग अलग भाग बने होते है, जिनमे रस भरा होता है।


अमलतास के वृक्ष के फलों, फूलों, तने व पत्तों में कई प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो कई प्रकार की बिमारियों के उपचार के प्रयोग किए जाते हैं। अमलतास के वृक्ष अपने पीले फूलो के लिए प्रसिद्द है। इसके वृक्ष पीले फूलो से ढ़के होते है। पतझड़ में इसके सभी पत्ते झड़ जाते है और बसंत ऋतू में ही यानि अंतिम मार्च से लेकर आरंभिक मई तक पूरा का पूरा वृक्ष पीले फूलो से भर जाता है। अमलतास के वृक्ष भारत के प्रायः सभी क्षेत्रों में देखने को मिलता है।


अमलतास केरल का राजकीय पुष्प भी है


अमलतास केरल का राजकीय पुष्प भी है। इसके अलावे अमलतास थाइलैंड का भी राष्ट्रीय फूल है। लेकिन अमलतास केवल देखने में ही सुन्दर नहीं होते है बल्कि ये मानव स्वास्थ्य के लिए भी सर्वोत्तम है। यह कई बीमारियों में रामवाण की तरह काम करता है। इसलिए इसके वृक्ष को स्वास्थ्यवर्धक वृक्ष की श्रेणी में रखा गया है।क्योकि इस वृक्ष के अलग अलग भागो का प्रयोग अनेक दवाओं के बनाने में होता है। यही कारण है की वनस्पति शास्त्र में अमलतास को 'औषधीय वृक्ष' के नाम से जाना जाता है।


सुंदरता के साथ साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर हैं अमलतास


अमलतास कई बीमारियों को दूर करने में बहुत काम आता है। जैसे कफ के कारण टान्सिल बढ़ने पर, मुंह के छाले में, बुखार में, दमा (श्वसनतंत्र विकार) में अमलतास, पेट के रोग में, पाचनतंत्र विकारों में, बवासीर में, कब्ज दूर करने में, पीलिया में, गठिया रोग (जोड़ों के दर्द) में, जोड़ों के दर्द में, चेहरे के लकवा में, त्वचा रोग में अमलतास के अलग अलग भागो के प्रयोग करने से आराम मिलता है।


प्रकृति का अनमोल वरदान है अमलतास


अमलतास भारत का एक औषधीय वृक्ष (Herbal Tree) है। इस पेड़ के फल से दवाओं का निर्माण (medicinal trees) होता है। इस पेड़ के पत्ते से लेकर फल तक का उपयोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों को दूर करने में होता है। यह प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करने के अलावे कई रोगो को दूर करने में भी बहुत काम आता है। अमलतास के वृक्ष हमारे बहुत काम का है। तभी तो इसका प्रयोग कई दवाओं में किया जाता है। इसलिए यदि आपके आस पास कही भी अमलतास का पेड़ दीखता है तो उसे आप अपना सच्चा साथी माने। इसके साथ ही हम सब ये प्रण लें की हम ऐसे अनेक मित्रो को बचाने की कोशिश करेंगे क्योकि ये सब हैं. तभी हम हैं क्योकि, "प्रकृति ही जीवन हैं!"


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लेखन :

राजीव सिन्हा

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