उस रात विनोद को ऑफिस से घर लौटने में बहुत देर हो गई थी। रात के दस से ऊपर बज रहे थे। वह बार-बार मोबाइल में समय देखता हुआ तेजी से अपने कदम घर की ओर बढ़ा रहा था।
हॉरर एवं इमोशनल वेब सीरीज पटकथा
विनोद जिस रास्ते से जा रहा था, वह एकदम सुनसान था। वह रास्ता एक वीरान लीची पार्क के बगल से होकर गुजरता था। दिन के समय भले ही वहाँ हलचल रहती हो, लेकिन रात होते ही पार्क में गहरा सन्नाटा पसर जाता था। उसी वीरान लीची पार्क के करीब से विनोद गुजर रहा था।
सन्नाटे में अनजानी आवाज़
उस रात विनोद को एक अजीब सा अनजाना डर लग रहा था। जब वह लीची पार्क के पास पहुँचा, तो उस सुनसान जगह से उसे एक युवती के सिसक-सिसक कर रोने की आवाज़ सुनाई दी।
शुरुआत में तो डर के मारे उसके कदम तेज़ हो गए, लेकिन जब रोने की आवाज़ और करीब से आने लगी, तो उसने मन ही मन फैसला किया कि उसे पार्क के अंदर जाना चाहिए। क्या पता कोई सचमुच मुसीबत में हो और उसे मदद की ज़रूरत हो?
एक भावुक मोड़
किसी बेबस स्त्री को इस तरह छोड़ जाना उसके संस्कारों के खिलाफ था। चाहे खुद पर कोई संकट ही क्यों न आ जाए, वह मदद करने के अपने स्वभाव से पीछे नहीं हट सकता था। आखिरकार, विनोद उस गहरे सन्नाटे से घिरे पार्क के अंदर दाखिल हो गया और आवाज़ की दिशा में बढ़ने लगा... और तभी उसने देखा...!!
कहानी जारी है...
⚠️ सर्वाधिकार लेखक के पास सुरक्षित हैं। बिना अनुमति किसी भी प्रकार से प्रतिलिपि या उपयोग करना कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
Copyright © All Rights Reserved | SmritiTak
