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विज्ञान की दृष्टि में स्वप्न क्या है

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Photo Credit - Unsplash



सपने (Sapne) दो प्रकार के होते हैं। पहला जो, खुली आँखों से देखे जाते है और जिसमे भविष्य के लिए उमंग, उत्साह और कामनाएं छिपी होती है। मगर इसी के विपरीत दूसरे प्रकार के सपने (Dream) भी होते हैं और वो सपना (Wo Sapna) ऐसा होता हैं जो, सोये हुए अवस्था में व हमारी ईच्छा के बिना ही आ जाता है। तो यहाँ हम इसी प्रकार के सपनो की बात (Sapno Ki Baat) कर रहे है।

"विज्ञान की दृष्टि में स्वप्न क्या है .............!!!!" आज मैं इसी विषय पर संक्षेप में चर्चा करुँगी।

यदि विज्ञान की बात करे तो उसका कहना हैं, प्राणी जगत में निम्न स्तर के जीव जन्तुओ और पेड़ पौधों को छोड़कर प्रायः सभी स्वप्न (All Dreams) देखते है। मछलियाँ, सरीसृप वर्ग तथा चिड़ियाँ स्वप्न नहीं देख पाते है। मगर इसके अलावे सभी स्तनधारी जीव स्वप्न देखते है। पालतू जीव जन्तुओ को स्वप्न देखते हुए आप भी देख सकते है। आप छोटी सी नन्ही चुहिया को भी निंद्रा (Nindra) की अवस्था में स्वप्न देखते हुए देख सकते है। लेकिन इसके लिए आपको उस पर थोड़ा सा ध्यान रखना होगा। उसे अपने पास रखना होगा ।

अब यदि मनुष्य की बात करे तो एक अध्ययन से ये बात सामने आयी है की मनुष्य बारह महीने से भी कम आयु में स्वप्न (Sapna) देखना शुरू कर देता है। लेकिन उनके स्वप्न हम बड़े लोगो की तरह नहीं होते है। हमारे द्वारा देखे गए स्वप्न हमारी स्थिति (आर्थिक, सामाजिक,पारिवारिक), आयु, क्षेत्र, लिंग पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए एक छोटे बच्चे का स्वप्न बड़े आयु वाले मनुष्यो से अलग होते है। उसी प्रकार एक पुरुष के वियोग में तड़पती स्त्री का स्वप्न, पुरुषो के स्वप्न से अलग हो सकते है।

विज्ञान मानता है की दो बर्ष के बच्चे प्रायः ऐसे स्वप्न (Swapn) देखता है जिसमे उसको या तो चोट पहुँचाई जाती है या उसका उसका पीछा किया जाता है। जबकि धर्म शास्त्र मानता है की उस आयु में बच्चे पिछले जन्म के दृश्यों को देखता है और उसे देखकर कभी कभी चहक जाता है या भयभीत हो जाता है।


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वैज्ञानिको का मानना है की अस्सी प्रतिशत सपने (Sapne) गहरी नींद के दौरान आते है। गहरी नींद जिसका वैज्ञानिक नाम रैपिड आई मूवमेंट स्लीप है। इस अवधि में आँखों की पुतलियां घूमती रहती है। वैज्ञानिको का मानना है की ऐसा स्वप्न (Swapna) दृश्यों के देखने के कारण आता है। उनका मानना है की पुतलियों की इस हलचल का अध्ययन भविष्य में सपनो से जुड़े तथ्यों को सुलझाने में सहायक साबित हो सकता है।

यही कारण है की जो व्यक्ति जन्म से अंधे होते है उनके स्वप्न में कोई दृश्य नहीं दीखता है बल्कि उन्हें हर ओर केवल अंधकार ही अंधकार दिखाई पड़ती है और उस अंधकार के बीच उन्हें अलग अलग प्रकार की आवाजे सुनाई पड़ती है। यानि स्वप्न के नाम पर उन्हें केवल अलग अलग आवाजे सुनाई पड़ती हैं । एक सामान्य मनुष्य की तरह उन्हें स्वप्न में कोई दृश्य नही दिखता हैं ।

अब यदि एक मनुष्य के आने वाले भयानक स्वप्न (Bhayanak Swapna) जिसको ' नाइट टेरर ' भी कहा जाता है, के बारे में बात करें तो ऐसे सपने व्यक्ति को कुछ पल के लिए तनाव में डालने वाला होता है।

स्वप्न (Swapn) का एक रूप और भी है। आप में से बहुत लोगो को शायद ऐसे स्वप्न आये भी होंगे, जैसा अब मैं वर्णन कर रही हूँ। ये सपने डरावने सपने (Darawane Sapne) जैसे ही होते है। लेकिन ये उससे थोड़ा अलग है। इस सपने को हिंदी में 'दारुण स्वप्न ' और अंग्रेजी में 'नाइट मेयर' कहते है। दारुण स्वप्न देखते समय कोई व्यक्ति सीने पर दबाव या स्वास लेने में थोड़ी परेशानी का आभाष कर सकता है। इस प्रकार के स्वप्न की अवधि में यदि कोई व्यक्ति शारीरिक हलचल करना भी चाहे तो वो नहीं कर सकता है। उसकी स्थिति उस समय लकवा मार जाने वाली या असहाय वाली हो जाती है।


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हालाँकि दारुण स्वप्न (नाइट मेयर) के दौरान भी ह्रदय गति में वृद्धि होती है। मगर वह भयानक स्वप्न (नाइट टेरर) की तुलना में कम होती है। इन दोनों स्वप्नों के बीच प्रमुख अंतर यह है की ये दोनों ही नींद की अलग अलग अवस्था में आते है। दारुण स्वप्न को हम नींद के उस भाग में देखते है जिसके दौरान बंद आँखों की पुतलियां तेजी से घूमती रहती है। नींद की इस अवस्था को हम 'रैम स्लीप' यानि 'रैपिड आई मूवमेंट स्लीप' कहते है। दारुण स्वप्न प्रायः रात्रि के मध्य या तृतीय पहर के दौरान दिखाई देते है। ऐसी नींद (Nind) को हम अंग्रेजी में 'नॉन रैम स्लीप' भी कहते है। भयानक स्वप्न व्यक्ति अपनी सामान्य निंद्रा अवधि के प्रथम तिहाई भाग के दौरान देखता है। दारुण स्वप्न नींद टूटने के बाद भी पूरी तरह से याद रहता है और व्यक्ति इसका वर्णन नींद टूटने के बाद भी कर सकता है।

स्वप्न के अर्थो को समझने का प्रयास तो हजारो बर्षो से किया जा रहा है। मगर इस सच्चाई से इंकार नहीं किया जा सकता है की इसके बावजूद हम आज तक इसके रहस्य को पूर्णतः नहीं जान पाएं है। आज भी हम स्वप्न से जुड़े तथ्यों को समझने की कोशिश कर रहे है, इस आशा से की शायद आगे हम कुछ और ज्यादा समझ पाएं ................!!!!!!

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