
शारदीय नवरात्रि सनातन धर्म के सबसे पवित्र और प्रमुख त्योहारों में से एक है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होने वाले इस पावन पर्व में माँ दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों—'शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री' की विधि-विधान से उपासना की जाती है।
नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना (घटस्थापना), दुर्गा सप्तशती पाठ, अखंड ज्योति, कन्या पूजन और महाअष्टमी-महानवमी व्रत का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की सही तिथियां, शुभ मुहूर्त और तिथियों के विशेष योग की पूरी जानकारी।
महालया अमावस्या 2026 कब है?
नवरात्रि के शुभारंभ से ठीक एक दिन पहले महालया अमावस्या मनाई जाती है, जिसे सर्वपितृ अमावस्या भी कहा जाता है।
- 🚩 तिथि: 10 अक्टूबर 2026, दिन शनिवार
- 🚩 महत्व: इस दिन दोपहर तक पितरों को भावभीनी विदाई दी जाती है और सायंकाल में माँ भगवती दुर्गा का धरती पर आगमन होता है। इसी के साथ दुर्गा पूजा उत्सव का अनौपचारिक प्रारंभ हो जाता है।
शारदीय नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी?
घटस्थापना (कलश स्थापना) शुभ मुहूर्त
- 🚩 प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 10 अक्टूबर 2026, रात्रि 09:19 बजे से
- 🚩 प्रतिपदा तिथि समाप्त: 11 अक्टूबर 2026, रात्रि 09:30 बजे तक
- 🚩 कलश स्थापना मुख्य मुहूर्त: सुबह 06:19 बजे से 10:12 बजे तक (अवधि: 3 घंटे 53 मिनट)
- 🚩 अभिजित मुहूर्त (श्रेष्ठ विकल्प): दोपहर 11:44 बजे से 12:31 बजे तक
शारदीय नवरात्रि 2026: दैनिक तिथि एवं पूजा कैलेंडर
इस वर्ष पंचांगीय गणना के अनुसार अष्टमी तिथि का विस्तार दो दिनों (18 व 19 अक्टूबर) में होने के कारण शारदीय नवरात्रि 2026 की तिथियों और दैनिक पूजन का सटीक क्रम इस प्रकार रहेगा:
| तिथि / दिन | पूजित देवी / पर्व | तिथि का विवरण एवं समय |
|---|---|---|
| 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) | प्रतिपदा — कलश स्थापना, माँ शैलपुत्री पूजा | नवरात्रि का पहला दिन। घटस्थापना प्रातः 06:19 से 10:12 तक। |
| 12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) | द्वितीया — माँ ब्रह्मचारिणी पूजा | नवरात्रि का दूसरा दिन, तप और साधना की देवी माँ ब्रह्मचारिणी को समर्पित। |
| 13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) | तृतीया — माँ चंद्रघंटा पूजा | तीसरा दिन, परम शांति और कल्याणकारी माँ चंद्रघंटा की आराधना। |
| 14 अक्टूबर 2026 (बुधवार) | चतुर्थी — माँ कूष्मांडा पूजा | चतुर्थ दिन, ब्रह्मांड की सृजक माँ कूष्मांडा की पूजा। |
| 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) | पंचमी — माँ स्कंदमाता पूजा | पंचम दिन, भगवान कार्तिकेय की माता स्कंदमाता की उपासना। |
| 16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) | षष्ठी — माँ कात्यायनी पूजा | छठा दिन, महिषासुरमर्दिनी माँ कात्यायनी की विशेष भक्ति। |
| 17 अक्टूबर 2026 (शनिवार) | सप्तमी — माँ कालरात्रि पूजा (महा सप्तमी) | सातवां दिन, संकटों का नाश करने वाली माँ कालरात्रि की पूजा। |
| 18 अक्टूबर 2026 (रविवार) | अष्टमी तिथि प्रारंभ — दुर्गाष्टमी विचार | प्रातः 08:27 बजे सप्तमी समाप्त होगी। तत्पश्चात अष्टमी तिथि का प्रारंभ होगा। |
| 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) | महाअष्टमी (माँ महागौरी पूजन) एवं नवमी प्रवेश | प्रातः 10:51 बजे तक महाअष्टमी का मुख्य पूजन (महागौरी पूजा)। इसके बाद नवमी तिथि व माँ सिद्धिदात्री उपासना का प्रारंभ। |
| 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) | महानवमी (माँ सिद्धिदात्री पूजन), हवन व पारण | उदयातिथि में माँ सिद्धिदात्री का मुख्य पूजन, महानवमी का हवन, कन्या पूजन एवं व्रत का पारण (नवमी तिथि दोपहर 12:50 तक)। |
| 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार) | विजयादशमी / दशहरा | दशमी तिथि 20 अक्टूबर दोपहर 12:50 से 21 अक्टूबर दोपहर 02:11 तक रहेगी। मुख्य दशहरा व रावण दहन 21 को होगा। |
क्या 2026 में नवरात्रि 10 दिनों की है?
- 🚩 18 अक्टूबर (रविवार): प्रातः 08:27 बजे तक सप्तमी तिथि रहेगी, जिसके बाद अष्टमी तिथि का प्रारंभ होगा। इस दिन कालरात्रि पूजन एवं अष्टमी तिथि का प्रवेश होगा।
- 🚩 19 अक्टूबर (सोमवार): सूर्योदय कालीन उदयातिथि में अष्टमी तिथि (सुबह 10:51 बजे तक) रहने के कारण **महाअष्टमी (माँ महागौरी पूजन)** व मुख्य कन्या पूजन इसी दिन संपन्न होगा। सुबह 10:51 बजे के बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी।
- 🚩 20 अक्टूबर (मंगलवार): सूर्योदय के समय उदयातिथि में नवमी तिथि (दोपहर 12:50 बजे तक) रहेगी। अतः **महानवमी (माँ सिद्धिदात्री पूजन)**, मुख्य नवमी हवन व कन्या पूजन इस दिन होगा।
- 🚩 20 व 21 अक्टूबर (मंगलवार व बुधवार): 20 अक्टूबर दोपहर 12:50 बजे से दशमी तिथि लग जाएगी, जिससे अपराह्न काल में विजयादशमी (शस्त्र पूजन व रावण दहन) 20 अक्टूबर को तथा व्रत का पारण व प्रतिमा विसर्जन 21 अक्टूबर को किया जाएगा।
इसी कारण कलश स्थापना (11 अक्टूबर 2026) से लेकर विजयादशमी/प्रतिमा विसर्जन (21 अक्टूबर 2026) तक संपूर्ण धार्मिक उत्सव 10 दिनों का रहेगा।
2026 में महासप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी और विजयादशमी कब है?
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महासप्तमी (माँ कालरात्रि पूजन): 17 अक्टूबर 2026 (शनिवार)
(सप्तमी तिथि 17 अक्टूबर को प्रातः 04:32 बजे से प्रारंभ होकर 18 अक्टूबर प्रातः 08:27 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार नवपत्रिका प्रवेश और माँ कालरात्रि पूजन 17 अक्टूबर को होगा।) -
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दुर्गाष्टमी / महाअष्टमी (माँ महागौरी पूजन): 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार)
(अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर रविवार सुबह 08:27 बजे से शुरू होकर 19 अक्टूबर सोमवार सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार महाअष्टमी का मुख्य व्रत, महागौरी पूजन एवं कन्या पूजन 19 अक्टूबर (सोमवार) को संपन्न होगा।) -
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महानवमी (हवन एवं माँ सिद्धिदात्री पूजन): 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)
(नवमी तिथि 19 अक्टूबर सोमवार सुबह 10:51 बजे से शुरू होकर 20 अक्टूबर मंगलवार दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार माँ सिद्धिदात्री पूजन, मुख्य नवमी हवन, कन्या पूजन एवं व्रत पारण 20 अक्टूबर (मंगलवार) को होगा।) -
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विजयादशमी / दशहरा (शमी पूजन व रावण दहन): 20 व 21 अक्टूबर 2026 (मंगलवार व बुधवार)
(दशमी तिथि 20 अक्टूबर दोपहर 12:50 बजे से 21 अक्टूबर दोपहर 02:11 बजे तक रहेगी। अपराह्न काल एवं विजय मुहूर्त के अनुसार शस्त्र पूजन, शमी पूजन व रावण दहन 20 अक्टूबर (मंगलवार) को तथा उदयातिथि अनुसार दशमी पारण 21 अक्टूबर (बुधवार) को होगा।)
